मंगलवार, 29 मार्च 2011

मेरे प्रिय कवि

पेतैर सालैर

अदि ऐन्द्रऐ (Ady Endre)
मुझे सब से पहले अदि ऐन्द्रऐ की कविताएँ पसंद हैं| उन का एक हाथ पर छह अगुलियाँ थीं, जब जम्न लिये, परिणामस्वरूप परंपरा के अनुसार हंगेरियन लोगों ने उस को एक जादूगर मानना था| हंगेरी में आधुनिक साहित्य इस प्रसिद्ध कवि से शुरू होता था| अदि हमारा पहला आधुनिक कवि है| उसकी कविताएँ हंगेरी में विशेष रूप से प्रचालित हैं| वैसे वे परिस में आधुनिक कविताएँ से मिला| उस ने प्रेम, ईश्वर तथा स्वदेश की कविताएँ लिखीं| अदि की एक अच्छी कविता में हमें भारत की पवित्र नदी, अर्थात गंगा जी मिलती हैं|
                                              
वोरोश शांदोर (Weöres Sándor)
मेरा दूसरा प्रिय कवि वोरोश शांदोर है| वे भी एक २० सदी के लोकप्रिय कवि थे| उन की रुचि ऐशेयाई साहित्य मैं थी| वे विशेष रूप से चीन का साहित्य पसंद करते थे | वोरोश ने बहुत सी ऎसी कविताएँ लिखीं जिन की शैली ऐशेयाई है| उस ने बच्चों को भी कई कविताएँ लिखीं इसिलए हंगेरियन बालविहारों मैं बच्चों को बहुत सी वोरोश की कविताएँ पढनीं हैं| उन्होंने कविताओं के अलावा नाटक भी लिखे| मुझे मुख्य रूप से उन की पूर्वी कविताएँ अच्छी लगती हैं| मेरे नाना जी वोरोश की चित्रकलाएं भी पसंद करते हैं, इसिलए हम अक्सर वोरोश की बात करते हैं|

यंकू लौरा (Iancu Laura)
मेरा तीसरा प्रिय कवि असल में एक युवी कवयित्री हैं, जिन का नाम यंकू लौरा है| वह रोमानिया में एक छोटे हंगेरियन गाँव में  उत्पन्न हुई लेकिन आजकल हंगेरी में रहती है | वह पढ़ने के लिए हंगेरी गयी, पहले बुदापैश्त में, उस के बाद सैगैद के विश्वविद्यालय में पढ़ी| मेरे ख़याल से वह बड़ी प्रतिभावान कवयित्री है| मुझे सब से पहले उस की ईश्वर की कविताएँ पसंद हैं| ये बहुत सुन्दर हैं| हंगेरी में यंकू लौरा अब बहुत प्रसिद्ध नहीं है, पर वह समकालीन हंगेरियन साहित्य की विशिष्टता है|

1 टिप्पणी:

  1. हमारे यहाँ भारत में एक चलचित्र कलाकार हैं -ऋत्विक रोशन, उनके हाथ में भी छः अंगुलियाँ हैं. हम लोग भी ऐसे लोगों को भाग्यशाली मानते हैं. हिन्दी साहित्य में आप की अच्छी पहुँच के लिए शुभकामनाएं.

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