शनिवार, 1 मई 2010

चंद्रगल्लाबान-एक मौलिक बाल कहानी

अन्ना शिमोन--

एक बार की बात है, एक लड़का था, जिसका नाम चंद्रगल्लाबान था। कहा जाता है वह हमेशा चाँदनी में अपनी भेड़ों को ले चराने ले जाता था, इस कारण ही उसका नाम चंद्रगल्लाबान था । एक बार उसने सुना कि राजा अपनी बेटी उसको देगा, जो ऐसा बात कह सकता है, जिस पर वह विश्वास नहीं करता।

इसलिए वह राजा के पास गया और उसने अभिवादन किया।

-देव लीजिए मेरा अभिवादन।

- लिया मेरे बेटे, तुम क्यों यहाँ आए हो?

-मैंने सुना, कि आप अपनी बेटी उसको देंगे, जो सब से बड़ा झूठ बोलता है।

-तो मैं तुम्हें सुन लूँ।

-एक बार, जब मैं भेड़ों को ले कर जा रहा था, मैंने देखा कि आपकी बेटी भेड़ों के समूह की चारों ओर घूमती थी...

-ठीक है, तुम कल सुबह जा सकते हो।

अगले दिन गल्लाबान जल्दी से उठा, जंगल गया, और एक पेड़ के नीचे बैठकर रोने लगा। एक काक ने यह सुना।

-तुम क्यों चिल्लाते हो?

-क्योंकि मैं बड़ा झूठ बोल नहीं सकता।

-यह पंख लो। इसे अपनी ख़ाल में छिपा लो, तुम्हें तरह-तरह झूठ याद आएँगे।

उसने यही किया। उसने राजा से कहा:

-जब मैं जा रहा था, मैंने देखा कि आप भेड़ें ले जा रहे हैं और मैं राज्य करता हूँ।

-तुम झूठ बोलते हो, फाँसी दी जाएगी।

अचानक वह शांत हो गया, लड़के से कहा:

-मेरी बेटी यहाँ है। अगर तुम उसका नाम बताते हो, तो वह तुम्हारी होगी।

लड़का सोचने लगा।

-ग्योन्ग्यवेर,...

-नहीं।

अन्ना, ...

-नहीं।

वे रात भर ऐसा करते रहे।

अंत में लड़का बोला:

-आपकी बेटी का नाम अमरइल्ला है।

-तुम जीते।

तो उन्होंने शादी की।

वे आज तक रह रहे होते, अगर वे नहीं मर गये होते।

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